मेरे अल्फाजों को समझना है तो खुद से परे जाना होगा। मेरे अल्फाजों को समझना है तो खुद से परे जाना होगा।
और मैं चुपचाप चुप हो गई हमेशा के लिए...। और मैं चुपचाप चुप हो गई हमेशा के लिए...।
शायद खाने पर हैं गुस्सा, खाना ठीक नहीं बनता, या उनकी चाहत के जैसा,सुबह नाश्ता न मिलता। शायद खाने पर हैं गुस्सा, खाना ठीक नहीं बनता, या उनकी चाहत के जैसा,सुबह नाश्ता न ...
दबाव के कारण मेरा निकल रहा अब दम। दबाव के कारण मेरा निकल रहा अब दम।
दूसरों के हिस्से का खाना हम ही नुकसान कर देते हैं, अन्न का अनादर ना करें, जरूरत से ज्... दूसरों के हिस्से का खाना हम ही नुकसान कर देते हैं, अन्न का अनादर ना क...
जिन्हें घर का खाना नसीब नहीं होता उनसे पूछो रसोई की अहमियत जिन्हें घर का खाना नसीब नहीं होता उनसे पूछो रसोई की अहमियत